गढ़वा : समाहरणालय के सामने प्रदर्शन कर रहे आदिम जनजाति के लोगों पर सोमवार को पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. 30 ओदम जनजाति घायल हो गये. उग्र लोगों की कार्रवाई में एसडीपीओ सहित छह पुलिसकर्मियों को भी चोटें आयी. प्रदर्शन भारतीय ओदम जनजाति परिषद के बैनर तले किया जा रहा था. घायलों को गढ़वा अस्पताल में भरती कराया गया है.समाहरणालय गेट को तोड़ाअपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ओदम जनजाति के लोग समाहरणालय गेट को तोड़ कर उपायुक्त कार्यालय के पास पहुंच गये. कार्यालय के बरामदे पर लगे शीशे के गेट को भी तोड़ दिया. पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शु कर दिये. परिसर में स्थित एक पेड़ को तोड़ कर मारपीट शु कर दी. पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. उग्र लोगों की कार्रवाई में एसडीपीओ अवधेश सिंह और पांच जवान घायल हो गये. इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों को बुलाना पड़ा.घायलों ने रोड जाम कियासीआरपीएफ के जवानों के पहुंचने से पहले ही मामले को शांत कर लिया. इसके बावजूद सीआरपीएफ के जवानों ने भी आंदोलनकारियों पर लाठियां चलानी शु कर दी. सीआरपीएफ के जवानों ने करीब 20 मिनट तक लोगों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए मेडिकल टीम समाहरणालय पहुंची. घटना के बाद घायलों ने गढ़वा अस्पताल परिसर के पास मेन रोड जाम कर दिया. देर शाम तक गढ़वा-नगरउंटारी मार्ग पर वाहनों का परिचालन ठप रहा.क्यों किया था प्रदर्शनओदम जनजाति के लोगों ने कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता बरतने व वास्तविक लोगों तक उसका लाभ नहीं पहुंचाने का आरोप लगा कर प्रदर्शन किया था. मुख्य मार्ग से जुलूस निकाल कर दिन के करीब 2.30 बजे समाहरणालय पहुंचे थे.घायल पुलिसकर्मीएसडीपीओ (मुख्यालय) अवधेश कुमार सिंह, सीआरपीएफ डीएसपी एमएस यादव, हवलदार सुरेश प्रसाद, जवान मुकेश दुबे, गृह रक्षावाहिनी के जर्नादन तिवारी व एक अन्य पुलिसकर्मी.घायल ओदम जनजातिउमाशंकर बैगा, हिसार जपला ( केंद्रीय अध्यक्ष, भारतीय ओदम जनजाति परिषद), राकेश परहिया ( कसमार, रंका), शिवपूजन परहिया, उमेश परहिया व धर्म्ेद्र परहिया(झोंतर, डंडई), नंदकिशोर परहिया(केरवा, रमना), शिव कुमार कोरवा(मरइया, धुरकी), बबलू परहिया(झोंतर, डंडई), नंदू भुइयां(हुसैनाबाद), नागेंद्र परहिया(केमु प्रतापपुर, जपला),  विगन कोरवा(राजबांस, चिनिया), सुनील कोरवा(पिपराही, चैनपुर), कुमार परहिया(टांडील, चैनपुर), रामबदन कोरवा(फूलवार, डंडई), सुकनी देवी(महूडंड़, डंडई) सहित 30 लोग. |