मुंबई : मिल्स एंड बून की किताबों की शौकीन काजोल के लिए इन्हें पढ़ना मेडिटेशन की तरह हैं. वह कहती हैं कि मैं भाषाई ज्ञान बढ़ाने के लिए नहीं, आनंद के लिए पढ़ती हूं. मुङो फिक्शन पढ़ना अच्छा लगता है और मिल्स एंड बून की तो मैं दीवानी हं. ऐसे में फिल्म माइ नेम इज खान में उनका एक ऑटिज्म के रोगी के साथ प्यार में पड़ना मिल्स एंड बून के कथानक का विरोधाभासी नहीं लगता. इसके जवाब में काजोल ने एक जबरदस्त खुलासा किया. उन्होंने बताया कि यह फिल्म एक सत्यकथा पर आधारित है. माइ नेम इज खान के बाद काजोल करण की अगली फिल्म स्टेपमॉम भी कर रही हैं. जहां माइ नेम इज खान की अधिखतर शूटिंग अमेरिका में हुई. वहीं स्टेपमॉम का लंबा शूटिंग शेडयूल ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तावित है. ऐसे में काजोल अपने परिवार और कैरियर में तालमेल कैसे बिठाएंगी, के जवाब में काजोल कहती हैं मैं एक साथ कई काम करना चाहती हूं और मुङो इसमें कोई समस्या नहीं होती. |