इस साल (२००८) का नोबल पुरस्कार, तीन वैज्ञानिकों को जी एफ़ पी यानी हरी फ़्लुओरेसेन्ट प्रोटीन की खोज और विकास के लिये प्रदान किया गया। ये समाचार मिलते ही मुझे जेनोवा (इटली) के विशाल एक्वेरियम मे देखी गयी जेली फ़िश के जीवन चक्र की विभिन्न अवस्थायें याद आ गयीं। |